भारत में कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए कई योजनाएं और कार्यक्रम लागू किए गए हैं। इनमें से कृषि ऋण और अनुदान प्रमुख हैं, जो किसानों को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं। इस लेख में हम कृषि ऋण और विभिन्न अनुदान योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करेंगे।
1. कृषि ऋण
कृषि ऋण किसानों को फसल उत्पादन, उपकरण खरीदने, और अन्य कृषि गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है। इसे विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है:
1.1 अल्पकालिक ऋण
- उद्देश्य: फसलों की खेती, विपणन, और कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करना।
- अवधि: आमतौर पर 6 से 18 महीने।
- उदाहरण: किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना, जिसमें किसान बिना गारंटी के 2 लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं.
1.2 दीर्घकालिक ऋण
- उद्देश्य: कृषि निवेश, संबद्ध गतिविधियाँ, और ग्रामीण विकास।
- अवधि: 3 वर्ष से अधिक।
- उदाहरण: नाबार्ड द्वारा प्रदान किए जाने वाले ऋण, जो विभिन्न कृषि परियोजनाओं के लिए उपलब्ध होते हैं.
2. किसान क्रेडिट कार्ड योजना
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना का उद्देश्य किसानों को सस्ते ब्याज दर पर कर्ज उपलब्ध कराना है।
- ब्याज दर: 4% पर 3 लाख रुपये तक का कर्ज।
- लाभ: बिना गारंटी के कर्ज, जिससे किसान अपनी जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकें.
- महत्व: यह योजना किसानों को साहूकारों से उच्च ब्याज दर पर कर्ज लेने से बचाती है।
3. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN)

यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
- राशि: हर साल 6,000 रुपये तीन किस्तों में।
- लाभ: इस राशि का सीधा लाभ किसानों को मिलता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होता है.
- बजट 2025 की उम्मीदें: चर्चा है कि यह राशि बढ़ाकर 10,000 रुपये की जा सकती है.
4. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए बीमा कवरेज प्रदान करती है।
- लाभ: फसल नुकसान होने पर किसानों को मुआवजा मिलता है।
- उद्देश्य: किसानों की आय स्थिर करना और उन्हें जोखिम से बचाना.
5. बिहार कृषि बिजली कनेक्शन योजना
बिहार सरकार ने किसानों के लिए निशुल्क कृषि विद्युत कनेक्शन प्रदान करने की योजना शुरू की है।
- लाभ: किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती बिजली मिलती है, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ती है।
- सब्सिडी: बिजली की लागत पर सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिससे किसान मात्र ₹0.55 प्रति यूनिट पर बिजली प्राप्त कर सकते है.
6. ब्याज सहायता योजना (Interest Subvention Scheme)
इस योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को रियायती अल्पकालिक कृषि ऋण प्रदान करना है।
- ब्याज दर: 7% प्रति वर्ष की दर पर कर्ज उपलब्ध।
- छूट: समय पर भुगतान करने पर अतिरिक्त छूट मिलती है, जिससे प्रभावी ब्याज दर घटकर 4% हो जाती है.
7. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY)
यह योजना सिंचाई सुविधाओं में सुधार लाने के लिए लागू की गई है।
- उद्देश्य: जल संसाधनों का कुशल उपयोग करना और फसलों की उत्पादकता बढ़ाना।
- लाभ: किसानों को जल प्रबंधन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाता है।
निष्कर्ष
भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ये विभिन्न योजनाएँ और कार्यक्रम न केवल किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं बल्कि उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में भी सहायक होते हैं। इन योजनाओं का सही उपयोग करके किसान अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं। इसके साथ ही, सरकार द्वारा समय-समय पर नई योजनाओं और सुधारों की घोषणा भी होती रहती है, जिससे कृषि क्षेत्र में निरंतर विकास हो रहा है।किसानों को चाहिए कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाएं और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करें।
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