भारत में कृषि क्षेत्र की स्थिति को सुधारने और छोटे किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। ये योजनाएं विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके और वे आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग कर सकें। इस लेख में हम कुछ प्रमुख योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करेंगे।
1. छोटे किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN)
उद्देश्य:
यह योजना छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई है। इसके तहत पात्र किसानों को हर साल ₹6000 की धनराशि तीन किश्तों में दी जाती है। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है।
लाभ:
- किसानों की कृषि लागत को कम करना।
- आर्थिक रूप से सशक्त बनाना।
- आवेदन प्रक्रिया सरल और ऑनलाइन उपलब्ध है।
2. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
उद्देश्य:
इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, जैसे बाढ़ या सूखे के कारण फसलों को हुए नुकसान की भरपाई करना है।
लाभ:
- किसानों को फसल नुकसान के लिए मुआवजा मिलता है।
- बीमा प्रीमियम पर सरकार द्वारा सब्सिडी प्रदान की जाती है।
- यह योजना किसानों को जोखिम से बचाने में मदद करती है।
3. किसान क्रेडिट कार्ड योजना (KCC)

उद्देश्य:
किसान क्रेडिट कार्ड योजना का उद्देश्य किसानों को खेती के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
लाभ:
- कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्धता।
- बीज, उर्वरक, और अन्य कृषि उपकरणों की खरीदारी के लिए उपयोग किया जा सकता है।
- आपातकालीन वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में सहायक।
4. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
उद्देश्य:
इस योजना का लक्ष्य किसानों को सिंचाई के लिए आवश्यक जल प्रबंधन संसाधन उपलब्ध कराना है।
लाभ:
- ड्रिप इरिगेशन और स्प्रिंकलर सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग।
- सिंचाई की लागत में कमी।
- जल संरक्षण को बढ़ावा।
5. परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY)
उद्देश्य:
इस योजना का उद्देश्य जैविक खेती को बढ़ावा देना और पारंपरिक कृषि पद्धतियों को संरक्षित करना है।
लाभ:
- प्रति हेक्टेयर ₹50,000 तक की वित्तीय सहायता।
- जैविक उत्पादों के प्रमाणीकरण और मार्केटिंग में मदद।
- किसानों को जैविक खेती के प्रति प्रोत्साहित करना।
6. प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY)
उद्देश्य:
यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए पेंशन लाभ प्रदान करने के लिए शुरू की गई है।
लाभ:
- 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर ₹3,000 मासिक पेंशन।
- आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- छोटे किसानों के लिए स्थायी आय का स्रोत बनाना।
7. बिहार कृषि यंत्र अनुदान योजना
उद्देश्य:
किसानों को नए कृषि उपकरण खरीदने के लिए सब्सिडी प्रदान करना।
लाभ:
- विभिन्न प्रकार के यंत्रों पर 40% से 80% तक सब्सिडी।
- आधुनिक उपकरणों का उपयोग करके उत्पादन बढ़ाना।
- खेती की प्रक्रिया को सरल बनाना।
8. प्रधानमंत्री कुसुम योजना
उद्देश्य:
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या का समाधान करना और सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना।
लाभ:
- सोलर पैनल और सोलर पंप की सब्सिडी।
- अतिरिक्त बिजली बेचकर आय अर्जित करने का अवसर।
- जल प्रबंधन में सुधार।
9. एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF)
उद्देश्य:
कृषि बुनियादी ढांचे का विकास करना जिससे किसानों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
लाभ:
- विभिन्न परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता।
- स्थानीय जरूरतों के अनुसार परियोजनाओं का कार्यान्वयन।
- कृषि उत्पादकता और आय में वृद्धि।
10. राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और हनी मिशन
उद्देश्य:
मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देना और शहद उत्पादन में वृद्धि करना।
लाभ:
- किसानों को मधुमक्खी पालन के लिए प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराना।
- शहद उत्पादन से अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर।
- ग्रामीण विकास में योगदान देना।
निष्कर्ष
भारत सरकार द्वारा शुरू की गई ये योजनाएं छोटे किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारना है, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीकों और संसाधनों से भी जोड़ना है। हालांकि, इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किसानों को जागरूक होना चाहिए और सही जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। सही जानकारी और संसाधनों के साथ, ये योजनाएं निश्चित रूप से भारतीय कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम होंगी।
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