किसानों के लिए भारत सरकार द्वारा कई योजनाएँ लागू की गई हैं, जिनका उद्देश्य उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना और कृषि क्षेत्र में स्थिरता लाना है। इनमें से कुछ प्रमुख योजनाएँ फसल बीमा, सब्सिडी, और वित्तीय सहायता से संबंधित हैं। इस लेख में हम इन योजनाओं का विस्तार से अध्ययन करेंगे।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
उद्देश्य: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को फसलों के नुकसान के मामले में वित्तीय सहायता प्रदान करना है। यह योजना प्राकृतिक आपदाओं, कीटों के हमलों, और अन्य कारणों से होने वाले फसल नुकसान को कवर करती है.
प्रमुख विशेषताएँ:
- कम प्रीमियम: किसानों को खरीफ फसलों के लिए अधिकतम 2% और रबी फसलों के लिए 1.5% प्रीमियम का भुगतान करना होता है, जबकि शेष प्रीमियम सरकार द्वारा भरा जाता है.
- कवरेज: यह योजना खाद्य फसलों, तिलहनों, और वार्षिक वाणिज्यिक बागवानी फसलों के लिए लागू होती है.
- दावा प्रक्रिया: किसानों को 72 घंटे के भीतर नुकसान की सूचना देनी होती है। इसके बाद, दावे का भुगतान कृषि विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाता है.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN)
उद्देश्य: यह योजना छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी। इसके तहत प्रत्येक किसान परिवार को प्रति वर्ष 6000 रुपये की सहायता दी जाती है.
प्रमुख विशेषताएँ:
- डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर: यह राशि तीन समान किस्तों में किसानों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की जाती है।
- लाभार्थी: इस योजना का लाभ उन सभी भूमि धारक किसानों को मिलता है जो पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं.
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
उद्देश्य: किसान क्रेडिट कार्ड योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी कृषि गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध कराना है। यह योजना 1998 में शुरू की गई थी और इसका लाभ 2.5 करोड़ से अधिक किसानों ने उठाया है.
प्रमुख विशेषताएँ:
- ऋण की सुविधा: इस योजना के तहत किसान अपनी कृषि जरूरतों के लिए सस्ती दर पर ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
- सरकारी सब्सिडी: सरकार इस योजना के अंतर्गत ऋण पर 4% प्रति वर्ष की रियायती दर पर सब्सिडी प्रदान करती है.
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
उद्देश्य: इस योजना का लक्ष्य प्रत्येक खेत तक पानी पहुँचाना और सिंचाई की समस्याओं का समाधान करना है। यह कार्यक्रम जल संसाधनों का कुशल उपयोग सुनिश्चित करता है.
प्रमुख विशेषताएँ:
- स्रोत निर्माण: सरकार ने सिंचाई स्रोतों के निर्माण और विकास पर ध्यान केंद्रित किया है ताकि अधिकतम फसल उत्पादन हो सके।
- प्रौद्योगिकी का उपयोग: आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर पानी की बर्बादी को कम करने और सिंचाई में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है13.
परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY)

उद्देश्य: यह योजना जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए बनाई गई है। इसके तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये तक की सहायता दी जाती है.
प्रमुख विशेषताएँ:
- जैविक उत्पादन प्रोत्साहन: इस योजना के माध्यम से जैविक खेती करने वाले किसानों को प्रमाणीकरण, लेबलिंग, पैकेजिंग, और परिवहन में मदद मिलती है।
- आर्थिक सहायता: सरकार जैविक खेती की प्रक्रिया में आने वाले खर्चों को कवर करने में मदद करती है.
अन्य महत्वपूर्ण योजनाएँ
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY)
यह योजना छोटे और सीमांत किसानों को पेंशन लाभ प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर किसानों को मासिक पेंशन देना है.
एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF)
इस फंड का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे का विकास करना और किसानों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करना है। इससे कृषि उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी.
राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन मिशन
इस मिशन का लक्ष्य मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देना और इसके माध्यम से किसानों की आय बढ़ाना है। यह कार्यक्रम कृषि उत्पादों की विविधता बढ़ाने में भी सहायक होगा.
निष्कर्ष
भारत सरकार ने किसानों की भलाई के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं, जो उनके आर्थिक सशक्तिकरण और कृषि क्षेत्र में स्थिरता लाने में सहायक हैं। ये योजनाएँ न केवल वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं बल्कि आधुनिक कृषि प्रथाओं को अपनाने के लिए भी प्रेरित करती हैं। इन योजनाओं का सही तरीके से कार्यान्वयन सुनिश्चित करने से भारत में कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
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